मेरा सरोकार

ये मेरा सरोकार है, इस समाज , देश और विश्व के साथ . जब भी और जहाँ भी ये अनुभव होता है कि इसको तो सबसे बांटने और पूछने का विषय है, सब में बाँट लेने से कुछ और ही परिणाम और हल मिल जाते हैं. एकस्वस्थ्य समाज कि परंपरा को निरंतर चलाते रहने में एक कण का क्या उपयोग हो सकता है ? ये तो मैं नहीं जानती लेकिन चुप नहीं रहा जा सकता है.

शुक्रवार, 12 जून 2026

काउंसलिंग कैसी हो : बच्चों के संदर्भ में!

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  काउंसलिंग कैसी हो : बच्चों के संदर्भ में!            वर्तमान परिवेश में बच्चों को काउंसलिंग की जरूरत है। बचपन से स्कूल जाने तक बच्चे का स्...
शुक्रवार, 15 मई 2026

विश्व परिवार दिवस! (15 मई)

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  परिवार के स्वरूप :                                                   परिवार संस्था आदिकाल से चली आ रही है और उसके अतीत को देखे...
गुरुवार, 14 मई 2026

मां तुम्हें सलाम!

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 अपने अपने भाव और अपनी अपनी अभिव्यक्ति, मां जिसमें दुनिया बसती है और मां की दुनिया भी उसी में बसती है। कैसे कोई मां के चित्र को शब्दों में उ...

मां तुम्हें सलाम !

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          मां के लिए जो भाव मन में होते हैं लेकिन अभिव्यक्ति जब बेटे या बेटी को खुद ही कटघरे में खड़ा कर दे और वह अपराधबोध भी उसके मन की निश...
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मेरे बारे में

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रेखा श्रीवास्तव
मैं अपने बारे में सिर्फ इतना ही कहूँगी कि २५ साल तक आई आई टी कानपुर में कंप्यूटर साइंस विभाग में प्रोजेक्ट एसोसिएट के पद पर रहते हुए हिंदी भाषा ही नहीं बल्कि लगभग सभी भारतीय भाषाओं को मशीन अनुवाद के द्वारा जन सामान्य के समक्ष लाने के उद्देश्य से कार्य करते हुए . अब सामाजिक कार्य, काउंसलिंग और लेखन कार्य ही मुख्य कार्य बन चुका है. मेरे लिए जीवन में सिद्धांत का बहुत बड़ी भूमिका रही है, अपने आदर्शों और सिद्धांतों के साथ कभी कोई समझौता नहीं किया. अगर हो सका तो किसी सही और गलत का भान कराती रही यह बात और है कि उसको मेरी बात समझ आई या नहीं.
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