ये मेरा सरोकार है, इस समाज , देश और विश्व के साथ . जब भी और जहाँ भी ये अनुभव होता है कि इसको तो सबसे बांटने और पूछने का विषय है, सब में बाँट लेने से कुछ और ही परिणाम और हल मिल जाते हैं. एकस्वस्थ्य समाज कि परंपरा को निरंतर चलाते रहने में एक कण का क्या उपयोग हो सकता है ? ये तो मैं नहीं जानती लेकिन चुप नहीं रहा जा सकता है.
सोमवार, 30 जनवरी 2012
रविवार, 29 जनवरी 2012
शुक्रवार, 27 जनवरी 2012
बुधवार, 25 जनवरी 2012
रविवार, 22 जनवरी 2012
मंगलवार, 17 जनवरी 2012