ये मेरा सरोकार है, इस समाज , देश और विश्व के साथ . जब भी और जहाँ भी ये अनुभव होता है कि इसको तो सबसे बांटने और पूछने का विषय है, सब में बाँट लेने से कुछ और ही परिणाम और हल मिल जाते हैं. एकस्वस्थ्य समाज कि परंपरा को निरंतर चलाते रहने में एक कण का क्या उपयोग हो सकता है ? ये तो मैं नहीं जानती लेकिन चुप नहीं रहा जा सकता है.
सोमवार, 23 जुलाई 2012
गुरुवार, 19 जुलाई 2012
मंगलवार, 17 जुलाई 2012
बुधवार, 11 जुलाई 2012
मंगलवार, 10 जुलाई 2012
शनिवार, 7 जुलाई 2012