मेरा सरोकार

ये मेरा सरोकार है, इस समाज , देश और विश्व के साथ . जब भी और जहाँ भी ये अनुभव होता है कि इसको तो सबसे बांटने और पूछने का विषय है, सब में बाँट लेने से कुछ और ही परिणाम और हल मिल जाते हैं. एकस्वस्थ्य समाज कि परंपरा को निरंतर चलाते रहने में एक कण का क्या उपयोग हो सकता है ? ये तो मैं नहीं जानती लेकिन चुप नहीं रहा जा सकता है.

शनिवार, 11 अगस्त 2012

आजादी की ६६ वीं वर्षगाँठ !

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चित्र गूगल के साभार            आ रही है आजादी की ६६ वीं वर्षगाँठ जिसे हम बहुत जोर शोर से मनाते हें और कुछ लोग इस लिए ख़ुशी मनाते हें...
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शुक्रवार, 10 अगस्त 2012

मेरे पापा की २१ वीं पुण्यतिथि !

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मेरे पापा ! आज मेरे पापा की २१ वीं पुण्यतिथि है और हम सिर्फ उन्हें याद कर पाते हें . बस इतना ही संतोष है कि जिस रास्ते पर वे चले उस रा...
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बुधवार, 1 अगस्त 2012

भैया मेरे राखी के बंधन .........!

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राखी के रेशमी तागे का अटूट बंधन                 कल रक्षाबंधन है और ये भाई बहन के पवित्र रिश्ते को एक अटूट बंधन में बंधे रहने का मौका ह...
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बुधवार, 25 जुलाई 2012

विदा एक सेनानी को !

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                                 हमारी आजादी की उम्र बढ़ रही है और इसके लिए लड़ने वाले लोगों की संख्या कम हो रही है। हाँ एक और सेनानी कैप्टन...
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मेरे बारे में

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रेखा श्रीवास्तव
मैं अपने बारे में सिर्फ इतना ही कहूँगी कि २५ साल तक आई आई टी कानपुर में कंप्यूटर साइंस विभाग में प्रोजेक्ट एसोसिएट के पद पर रहते हुए हिंदी भाषा ही नहीं बल्कि लगभग सभी भारतीय भाषाओं को मशीन अनुवाद के द्वारा जन सामान्य के समक्ष लाने के उद्देश्य से कार्य करते हुए . अब सामाजिक कार्य, काउंसलिंग और लेखन कार्य ही मुख्य कार्य बन चुका है. मेरे लिए जीवन में सिद्धांत का बहुत बड़ी भूमिका रही है, अपने आदर्शों और सिद्धांतों के साथ कभी कोई समझौता नहीं किया. अगर हो सका तो किसी सही और गलत का भान कराती रही यह बात और है कि उसको मेरी बात समझ आई या नहीं.
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