मेरा सरोकार

ये मेरा सरोकार है, इस समाज , देश और विश्व के साथ . जब भी और जहाँ भी ये अनुभव होता है कि इसको तो सबसे बांटने और पूछने का विषय है, सब में बाँट लेने से कुछ और ही परिणाम और हल मिल जाते हैं. एकस्वस्थ्य समाज कि परंपरा को निरंतर चलाते रहने में एक कण का क्या उपयोग हो सकता है ? ये तो मैं नहीं जानती लेकिन चुप नहीं रहा जा सकता है.

बुधवार, 24 अक्टूबर 2012

दशहरे पर !

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                                           आज दशहरे पर हर  वर्ष की तरह इस वर्ष भी हर शहर  में और कई जगह पर रावण के पुतलों को जलाया जा...
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रविवार, 21 अक्टूबर 2012

1962 के युद्ध की कुछ धुंधली यादें !

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                                 20 अक्टूबर 1962 को चीन ने भारत के ऊपर आक्रमण कर उसे युद्ध की विभीषिका में धकेल दिया था . भारत चीन की सीमाय...
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शनिवार, 20 अक्टूबर 2012

बाबूजी की 21वीं पुण्यतिथि !

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                        20 अक्टूबर 1991 - वह दिन था जिस दिन बाबूजी (ससुर जी ) ने भी हमें अकेले छोड़ दिया था . शायद कोई ऐसा दुर्भाग्यशाली...
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मंगलवार, 16 अक्टूबर 2012

या देवी सर्वभूतेषु !

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                      नवरात्रि में हम सभी हिन्दू धर्म के मानने वाले इन शुभ दिनों में देवी की आराधना विशेष ढंग से करते हैं और इन दिनों मे...
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मंगलवार, 9 अक्टूबर 2012

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस !

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चित्र गूगल के साभार                                               मानव में मष्तिष्क ही एक ऐसी चीज है जो उन्हें सम्पूर्ण प्राणियों मे...
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सोमवार, 1 अक्टूबर 2012

दो अक्टूबर !

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                        " दो अक्टूबर " देश के लिए   महत्वपूर्ण दिवस है  क्योंकि  इस दिन ने हमें एक नहीं इस देश को दो महापुरुष...
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मेरे बारे में

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रेखा श्रीवास्तव
मैं अपने बारे में सिर्फ इतना ही कहूँगी कि २५ साल तक आई आई टी कानपुर में कंप्यूटर साइंस विभाग में प्रोजेक्ट एसोसिएट के पद पर रहते हुए हिंदी भाषा ही नहीं बल्कि लगभग सभी भारतीय भाषाओं को मशीन अनुवाद के द्वारा जन सामान्य के समक्ष लाने के उद्देश्य से कार्य करते हुए . अब सामाजिक कार्य, काउंसलिंग और लेखन कार्य ही मुख्य कार्य बन चुका है. मेरे लिए जीवन में सिद्धांत का बहुत बड़ी भूमिका रही है, अपने आदर्शों और सिद्धांतों के साथ कभी कोई समझौता नहीं किया. अगर हो सका तो किसी सही और गलत का भान कराती रही यह बात और है कि उसको मेरी बात समझ आई या नहीं.
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