ये मेरा सरोकार है, इस समाज , देश और विश्व के साथ . जब भी और जहाँ भी ये अनुभव होता है कि इसको तो सबसे बांटने और पूछने का विषय है, सब में बाँट लेने से कुछ और ही परिणाम और हल मिल जाते हैं. एकस्वस्थ्य समाज कि परंपरा को निरंतर चलाते रहने में एक कण का क्या उपयोग हो सकता है ? ये तो मैं नहीं जानती लेकिन चुप नहीं रहा जा सकता है.
गुरुवार, 21 फ़रवरी 2013
शनिवार, 2 फ़रवरी 2013
शनिवार, 26 जनवरी 2013
गुरुवार, 3 जनवरी 2013
रविवार, 9 दिसंबर 2012
बुधवार, 5 दिसंबर 2012