ये मेरा सरोकार है, इस समाज , देश और विश्व के साथ . जब भी और जहाँ भी ये अनुभव होता है कि इसको तो सबसे बांटने और पूछने का विषय है, सब में बाँट लेने से कुछ और ही परिणाम और हल मिल जाते हैं. एकस्वस्थ्य समाज कि परंपरा को निरंतर चलाते रहने में एक कण का क्या उपयोग हो सकता है ? ये तो मैं नहीं जानती लेकिन चुप नहीं रहा जा सकता है.
शनिवार, 21 सितंबर 2013
शनिवार, 14 सितंबर 2013
मंगलवार, 10 सितंबर 2013
रविवार, 25 अगस्त 2013
बुधवार, 14 अगस्त 2013
रविवार, 11 अगस्त 2013