ये मेरा सरोकार है, इस समाज , देश और विश्व के साथ . जब भी और जहाँ भी ये अनुभव होता है कि इसको तो सबसे बांटने और पूछने का विषय है, सब में बाँट लेने से कुछ और ही परिणाम और हल मिल जाते हैं. एकस्वस्थ्य समाज कि परंपरा को निरंतर चलाते रहने में एक कण का क्या उपयोग हो सकता है ? ये तो मैं नहीं जानती लेकिन चुप नहीं रहा जा सकता है.
मंगलवार, 25 मार्च 2014
रविवार, 23 मार्च 2014
सोमवार, 25 नवंबर 2013
मंगलवार, 19 नवंबर 2013
मंगलवार, 29 अक्टूबर 2013
सोमवार, 28 अक्टूबर 2013