ये मेरा सरोकार है, इस समाज , देश और विश्व के साथ . जब भी और जहाँ भी ये अनुभव होता है कि इसको तो सबसे बांटने और पूछने का विषय है, सब में बाँट लेने से कुछ और ही परिणाम और हल मिल जाते हैं. एकस्वस्थ्य समाज कि परंपरा को निरंतर चलाते रहने में एक कण का क्या उपयोग हो सकता है ? ये तो मैं नहीं जानती लेकिन चुप नहीं रहा जा सकता है.
बुधवार, 19 अगस्त 2015
गुरुवार, 13 अगस्त 2015
गुरुवार, 6 अगस्त 2015
मंगलवार, 21 जुलाई 2015
शनिवार, 4 जुलाई 2015
शनिवार, 20 जून 2015