ये मेरा सरोकार है, इस समाज , देश और विश्व के साथ . जब भी और जहाँ भी ये अनुभव होता है कि इसको तो सबसे बांटने और पूछने का विषय है, सब में बाँट लेने से कुछ और ही परिणाम और हल मिल जाते हैं. एकस्वस्थ्य समाज कि परंपरा को निरंतर चलाते रहने में एक कण का क्या उपयोग हो सकता है ? ये तो मैं नहीं जानती लेकिन चुप नहीं रहा जा सकता है.
रविवार, 5 जून 2016
गुरुवार, 2 जून 2016
शनिवार, 2 अप्रैल 2016
गुरुवार, 10 मार्च 2016
रविवार, 22 नवंबर 2015
सोमवार, 21 सितंबर 2015