ये मेरा सरोकार है, इस समाज , देश और विश्व के साथ . जब भी और जहाँ भी ये अनुभव होता है कि इसको तो सबसे बांटने और पूछने का विषय है, सब में बाँट लेने से कुछ और ही परिणाम और हल मिल जाते हैं. एकस्वस्थ्य समाज कि परंपरा को निरंतर चलाते रहने में एक कण का क्या उपयोग हो सकता है ? ये तो मैं नहीं जानती लेकिन चुप नहीं रहा जा सकता है.
गुरुवार, 1 फ़रवरी 2018
रविवार, 1 अक्टूबर 2017
शनिवार, 30 सितंबर 2017
गुरुवार, 21 सितंबर 2017
रविवार, 10 सितंबर 2017
गुरुवार, 31 अगस्त 2017