मेरा सरोकार

ये मेरा सरोकार है, इस समाज , देश और विश्व के साथ . जब भी और जहाँ भी ये अनुभव होता है कि इसको तो सबसे बांटने और पूछने का विषय है, सब में बाँट लेने से कुछ और ही परिणाम और हल मिल जाते हैं. एकस्वस्थ्य समाज कि परंपरा को निरंतर चलाते रहने में एक कण का क्या उपयोग हो सकता है ? ये तो मैं नहीं जानती लेकिन चुप नहीं रहा जा सकता है.

शुक्रवार, 16 अगस्त 2019

जरा याद उन्हें भी कर लो .!

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                            1957 की क्रांति की कानपुर की वीरांगनाएँ !                         हमारा देश सिर्फ वीरों का ही नहीं अपितु वीरा...
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शनिवार, 10 अगस्त 2019

कहाँ आ गये हम ?

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                       सदियों से चली आ रही सृष्टि और उसकी संस्कृति  को हम बरकरार  न रख पाए। हमने छोड़ते छोड़ते सब छोड़ दिया पर दिखाई किसी को न...
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मंगलवार, 4 जून 2019

विश्व पर्यावरण दिवस !

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विश्व पर्यावरण दिवस !    विश्व पर्यावरण दिवस की आवश्यकता संयुक्त राष्ट्र संघ ने महसूस की और इसी लिए प्रतिवर्ष 5 जून को इस दिवस को मनाने क...
4 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 30 मई 2019

आपदा प्रबंधन !

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                            सूरत में घटी कोचिंग में लगी आग के कारण २० बच्चों का उसे हादसे में मौत के मुंह में चला जाना कोई हंसी खेल नहीं है...
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मंगलवार, 14 मई 2019

विश्व परिवार दिवस !

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परिवार के स्वरूप :                                                 परिवार संस्था आदिकाल से चली आ रही है और उसके अतीत को द...
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मेरे बारे में

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रेखा श्रीवास्तव
मैं अपने बारे में सिर्फ इतना ही कहूँगी कि २५ साल तक आई आई टी कानपुर में कंप्यूटर साइंस विभाग में प्रोजेक्ट एसोसिएट के पद पर रहते हुए हिंदी भाषा ही नहीं बल्कि लगभग सभी भारतीय भाषाओं को मशीन अनुवाद के द्वारा जन सामान्य के समक्ष लाने के उद्देश्य से कार्य करते हुए . अब सामाजिक कार्य, काउंसलिंग और लेखन कार्य ही मुख्य कार्य बन चुका है. मेरे लिए जीवन में सिद्धांत का बहुत बड़ी भूमिका रही है, अपने आदर्शों और सिद्धांतों के साथ कभी कोई समझौता नहीं किया. अगर हो सका तो किसी सही और गलत का भान कराती रही यह बात और है कि उसको मेरी बात समझ आई या नहीं.
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