मेरा सरोकार

ये मेरा सरोकार है, इस समाज , देश और विश्व के साथ . जब भी और जहाँ भी ये अनुभव होता है कि इसको तो सबसे बांटने और पूछने का विषय है, सब में बाँट लेने से कुछ और ही परिणाम और हल मिल जाते हैं. एकस्वस्थ्य समाज कि परंपरा को निरंतर चलाते रहने में एक कण का क्या उपयोग हो सकता है ? ये तो मैं नहीं जानती लेकिन चुप नहीं रहा जा सकता है.

बुधवार, 1 मई 2024

श्रमिक दिवस !

›
                                                                         श्रमिक दिवस !                       विश्व में सभी को एक दिन का सम्...
2 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, 12 जनवरी 2024

मकर संक्रान्ति !

›
               मकर संक्रान्ति हिंदू धर्म में एक प्रमुख पर्व है।  पौष मास में जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है तभी यह प...
सोमवार, 25 दिसंबर 2023

कानपुर लिटरेरी फेस्टिवल - 23

›
 कानपुर लिटरेरी फेस्टिवल - 2023, जो 23-24 दिसंबर को यहां प्रकाशित हुआ, इसमें शामिल होने का यह पहला अनुभव बहुत अच्छा रहा। इस अनुभव ने मुझे फ...
गुरुवार, 12 अक्टूबर 2023

दुश्मन को रख देंगे चीर : हम हैं अग्निवीर !

›
 दुश्मन को रख देंगे चीर : हम हैं अग्निवीर !                                 ये नारा है अग्निवीरों का।  हाँ वही अग्निवीर  - जिनके लिए जब यह य...
शुक्रवार, 30 जून 2023

सोशल मीडिया डे !

›
                                                     सोशल मीडिया डे !                            पहले से तो मुझे इस बारे में ज्ञात नहीं था ...
सोमवार, 19 जून 2023

मैट्रो से - 2 !

›
 मैट्रो से - 2 !                      एक ही स्टेशन से कई सहायिकाएं लेडीज़ डिब्बे में चढ़ती हैं, रोज नहीं तो अक्सर उनका मिलना होता रहता है , एक...

नौटंकी !

›
            नीति ने सुबह उठकर मोबाइल उठाया तो उसमें एक स्टोरी देख कर उसकी आँखें आश्चर्य से फैल गयीं। वो थी उसकी ही सहेली मीता के द्वारा डाली...
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
रेखा श्रीवास्तव
मैं अपने बारे में सिर्फ इतना ही कहूँगी कि २५ साल तक आई आई टी कानपुर में कंप्यूटर साइंस विभाग में प्रोजेक्ट एसोसिएट के पद पर रहते हुए हिंदी भाषा ही नहीं बल्कि लगभग सभी भारतीय भाषाओं को मशीन अनुवाद के द्वारा जन सामान्य के समक्ष लाने के उद्देश्य से कार्य करते हुए . अब सामाजिक कार्य, काउंसलिंग और लेखन कार्य ही मुख्य कार्य बन चुका है. मेरे लिए जीवन में सिद्धांत का बहुत बड़ी भूमिका रही है, अपने आदर्शों और सिद्धांतों के साथ कभी कोई समझौता नहीं किया. अगर हो सका तो किसी सही और गलत का भान कराती रही यह बात और है कि उसको मेरी बात समझ आई या नहीं.
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.