रविवार, 1 अप्रैल 2012

चुनौती जिन्दगी की: संघर्ष भरे वे दिन ........

ये यथार्थ की मिट्टी में सने संस्मरण जीवन के उस पक्ष को उजागर करने वाले हें जो सहने वाले की हिम्मत की दाद तो देते ही हें साथ ही एक प्रेरणा का आधार भी बन जाते हेंमैंने अपने ब्लोगर साथियों से इस दिशा में अपने संस्मरण भेजने का आग्रह किया था लेकिन कुछ लोगों ने तो कह दिया कि जीवन में कभी संघर्ष करना ही नहीं पड़ा और कुछ लोगों ने उत्तर हाँ या में भी देने के काबिल नहीं समझा (क्षमा याचना सहित) क्योंकि उनके स्तर को देखते हुए शायद इस ब्लोगर जगत में मेरी उनसे कोई बराबरी नहीं है लेकिन मैं तो झुक ही सहयोग का अनुरोध कर रही थीखैर जिनका मुझे सहयोग मिला और जिनका आश्वासन लिए आज भी मैं इन्तजार कर रही हूँ सब को मेरा हार्दिक धन्यवाद
ये श्रंखला मैं बंद नहीं कर रही हूँएक काउंसलर होने के नाते और जीवन की गहराई को देखते हुए एक नहीं बहुत से लोगों से मुलाकात हुई जो इस संघर्ष से जूझते हुए आगे बढे या फिर आज भी जूझ रहे हें उनकी हिम्मत को दाद देनी पड़ेगीबहुत नामी सही लेकिन जीवन जीने का हक तो सभी को एक जैसा है और फिर संघर्ष चाहे किसी सेलिब्रिटी ने किया हो या फिर आम आदमी ने उसकी शिद्दत कम नहीं हो जाती है और उससे मिलनी वाला संबल भी कम नहीं होता हैइसलिए इसको मैं आगे चलाना चाहती हूँ और इस दिशा में आप सभी से पूछना चाहती हूँ कि क्या मेरा ये प्रयास मेरे पाठक बंधुओं को पसंद आएगा या फिर सभी अपने ब्लोगर साथियों के संस्मरण तक ही सीमित रखना चाहते हेंइस दिशा में आपसे सुझाव मांग रही हूँ आशा करती हूँ कि आप सभी इस दिशा में अपने विचारों से अवगत कराएँगे
संघर्ष तो उनका भी वन्दनीय है, जो साठ के बाद भी ढो रहे हें बोझ,
कहते हैं कि ये बोझ वह खुद नहीं ढोते हें पेट की आग ढ़ोती है

9 टिप्‍पणियां:

  1. सही में इस प्रयास को साधुवाद!

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  2. आपके प्रयास के अपने अन्‍दर झांकने का अवसर मिला।

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  3. आपका प्रयास सराहनीय है हमे तो अच्छा लगा इसमे शामिल होना और सबके संघर्षों को जानना।

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  4. आपका यह प्रयास अच्छा लगा इसलिए इस विषय से संबन्धित मैंने तो आपकी अपनी एक रचना भी भेजी थी मगर अब तक मेरी रचना मेरे सामने आई ही नहीं....

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  5. आपके इस प्रयास को साधुवाद.

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  6. आपकी इस श्रंखला ने कई संघर्षों से हम सबको अवगत कराया है। इन प्रयासों को गति मिलती रहे।

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ये मेरा सरोकार है, इस समाज , देश और विश्व के साथ . जो मन में होता है आपसे उजागर कर देते हैं. आपकी राय , आलोचना और समालोचना मेरा मार्गदर्शन और त्रुटियों को सुधारने का सबसे बड़ा रास्ताहै.